रिलायंस जियो के दम पर मुकेश अंबानी फोर्ब्स की 'ग्लोबल गेम चेंजर्स' की सूची में सबसे आगे

 
रिलायंस जियो के दम पर मुकेश अंबानी फोर्ब्स की 'ग्लोबल गेम चेंजर्स' की सूची में सबसे आगे

ख़ास बातें

  • मुकेश अंबानी को 25 ‘‘साहसी व्यवसायियों’’ की सूची में मिली जगह
  • रिलायंस जियो की सफलता के लिए मिला यह स्थान
  • भारत में 4जी नेटवर्क के विस्तार में रिलायंस जियो का अहम योगदान रहा
रिलायंस जियो की सफलता का बहुत बड़ा फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी को मिला है। भारत में 4जी नेटवर्क के विस्तार में रिलायंस जियो के अहम योगदान को देखते हुए मुकेश अंबानी को फॉर्ब्स के ग्लोबल गेम चेंजर्स 2017 की सूची में टॉप पर जगह मिली है। सितंबर 2016 में लॉन्च किए जाने के बाद से इस टेलीकॉम कंपनी ने ग्राहकों को किफायती दरों में तेज 4जी स्पीड के साथ अन्य सेवाएं मुहैया कराई हैं। 4जी नेटवर्क के विस्तार के बाद से आज की तारीख में भारत चंद महीनों में सबसे ज़्यादा डेटा की खपत करने वाला देश बन गया है। सूची में शामिल किए जाने पर अंबानी ने पत्रिका को कहा, "कोई भी चीज जो डिजिटल हो सकती है, उसे डिजिटल में तब्दील कर दिया जाएगा। भारत इस क्षेत्र में पिछड़ नहीं सकता।"

रिलायंस जियो के बारे में फॉर्ब्स में लिखा गया है, "भारत की जनता तक इंटरनेट पहुंचाना। तेल और गैस के बिजनेस मुगल ने टेलीकॉम सेक्टर में धमाकेदार एंट्री की और ग्राहकों को बेहद ही किफायती दरों में इंटरनेट मुहैया कराई गई। मात्र 6 महीने में इस नेटवर्क से 10 करोड़ से ज़्यादा लोग जुड़ें हैं और इस वजह से मार्केट में पुनर्गठन देखने को मिल रहा है।"

फोर्ब्स की इस दूसरी वार्षिक सूची में 25 ‘‘साहसी व्यवसायियों’’ को शामिल किया गया है जो कि चुप नहीं बैठे रह सकते। मुकेश अंबानी इस सूची में सबसे ऊपर हैं।

रिलायंस जियो ने अपनी सेवाओं की शुरुआत करने के पहले 6 महीने तक ग्राहकों को डेटा, कॉल, एसएमएस और अन्य सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त दीं। लेकिन अप्रैल महीने से कंपनी की सेवाएं मुफ्त नहीं रहीं। अब रिलायंस जियो की सर्विस को इस्तेमाल करने के लिए भुगतान करना अनिवार्य है। लेकिन दरें किफायती हैं। रिलायंस जियो के प्लान सार्वजनिक होने के बाद अन्य टेलीकॉम कंपनियों पर भी दर कम करने का दबाव बढ़ा। और नतीजतन ग्राहकों की चांदी रही।  

रिलायंस जियो के टेलीकॉम सेक्टर में कदम रखने के बाद से कंपनियों के विलय की खबरें भी आम हो गई हैं। वोडाफोन और आइडिया का विलय होना तय हो गया है जिसके बाद देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनेगी। दूसरी तरफ, एयरटेल ने टेलीनॉर के ऑपरेशन का अधिग्रहण कर लिया है। वहीं, रिलायंस कम्युनिकेशन्स ने एयरसेल को खरीद लिया है।
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